पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की 2.4 अरब डॉलर की जब्त संपत्ति जारी करने की सहमति व्यक्त की है। यह घोषणा محسن रेज़ाई ने की है, जो ईरान के प्रतिरोध क्षमता से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। रेज़ाई का दावा है कि ईरान की बढ़ती शक्ति के कारण ट्रंप अब तेहरान के साथ सीधी बातचीत करने से हिचकिचा रहे हैं। इस संपत्ति को पहले अमेरिका ने जब्त किया था। यह कदम ईरान और अमेरिका के बीच संभावित वार्ता के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। रेज़ाई ने ट्रंप को ‘जुआड़ी’ कहकर संबोधित किया, यह दर्शाता है कि ईरान ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत को लेकर सतर्क है। इस संपत्ति की रिहाई से दोनों देशों के बीच संबंधों में बदलाव आ सकता है।