अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की चुनावी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रणाली को “आपदाजनक विफलताओं” से ग्रस्त बताया है और इसकी निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त किया है। हालाँकि, ट्रम्प ने अपने संबोधन में मुद्रास्फीति के आंकड़ों का बचाव किया और उन्हें सकारात्मक बताया। उनकी इस टिप्पणी ने देश में चुनावी सुधारों की बहस को फिर से जन्म दे दिया है। व्हाइट हाउस ने अभी तक इस बयान पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह बयान आगामी चुनावों के मद्देनज़र महत्वपूर्ण है। ट्रम्प के आरोपों से अमेरिकी लोकतंत्र पर प्रश्नचिह्न लग सकते हैं।