अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति कठोर शब्दों का प्रयोग किया है, जिससे इजराइल और मोरक्को दोनों देशों में राजनीतिक उथल-पुथल मच सकती है। ट्रंप के इस अप्रत्याशित बयान ने नेतन्याहू की सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उनकी चरमपंथी नीतियों को देखते हुए। यह टिप्पणी मोरक्को के लिए भी एक झटका है, जिसने इजराइल के साथ संबंधों में सुधार की उम्मीद जताई थी। ट्रंप पहले भी विरोधाभासी बयान देते रहे हैं, लेकिन इस बार उनकी आलोचना की तीव्रता अभूतपूर्व है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकती है। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक समीकरणों में भी बदलाव आ सकता है। यह लेख सबसे पहले टीएसए पर प्रकाशित हुआ था।
