अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पूर्व प्रमुख केविन वॉर्श के संभावित ब्याज दर वृद्धि के संकेतों के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। इस स्थिति के मद्देनजर, कई बड़ी बैंकों ने सोने की कीमतों के अपने पूर्वानुमानों को कम कर दिया है। वॉर्श की संभावित नीतियों का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी दिख सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि ब्याज दरें बढ़ने से सोने में निवेश कम आकर्षक हो जाएगा, क्योंकि इससे सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता है। बैंकों द्वारा अनुमानों में कटौती सोने के बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। यह बदलाव निवेशकों के लिए सोने में निवेश के जोखिमों पर विचार करने का आह्वान करता है। वर्तमान में, बाजार फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों पर कड़ी नजर रख रहा है।
