एक नई रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की जीवाश्म ईंधन नीतियों के कारण 2035 तक अमेरिकी बिजली क्षेत्र से कार्बन उत्सर्जन दोगुना हो सकता है। इस नीति परिवर्तन से स्वच्छ ऊर्जा निवेश में 700 बिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रम्प प्रशासन के दौरान लागू की गई नीतियों ने नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विकास को धीमा कर दिया और कोयला जैसे प्रदूषणकारी ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित किया। यदि ये नीतियां जारी रहती हैं, तो अमेरिका के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करना मुश्किल हो जाएगा। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इससे पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। यह रिपोर्ट जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नीतियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देती है। स्वच्छ ऊर्जा में निवेश को प्रोत्साहित करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के उपाय तत्काल आवश्यक हैं।