अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि उन्होंने रक्षा मंत्रालय को दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों में अमेरिकी सेना की भागीदारी को सीमित करने का आदेश दिया है। यह निर्णय उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के साथ अपने अच्छे संबंधों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ट्रंप का मानना है कि ये अभ्यास तनाव बढ़ा सकते हैं और बातचीत की प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं। इस कदम से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य सहयोग पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से उत्तर कोरिया के साथ भविष्य की बातचीत में मदद मिल सकती है, लेकिन कुछ सहयोगी इस पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। यह फैसला भौगोलिक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।