पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरिम राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (ODNI) बिल पुल्टे को खुफिया एजेंसी का आकार घटाने के निर्देश दिए हैं। पुल्टे, जो ट्रंप के वफादार माने जाते हैं, पर डेमोक्रेट्स ने उनकी खुफिया पृष्ठभूमि की कमी को लेकर निशाना साधा है। यह कदम अमेरिकी खुफिया समुदाय के भीतर चिंता पैदा कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर सकता है। पुल्टे की नियुक्ति और अब यह आदेश, ट्रंप प्रशासन के दौरान खुफिया एजेंसियों के साथ संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े करते हैं। इस फैसले से एजेंसी के कामकाज और भविष्य की रणनीति पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, इस आदेश के विस्तृत प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।