पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया आदेश से 2026 के चुनावों में मतदाताओं की सूची और मतदान प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। इस आदेश के तहत, डाक मतपत्रों की डिलीवरी को सीमित किया गया है, जिससे कई राज्यों ने चिंता व्यक्त की है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि इससे चुनावी धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह मतदाताओं को मतदान से वंचित करने का प्रयास है। राज्यों का दावा है कि यह आदेश संघीय कानूनों का उल्लंघन करता है और चुनावी प्रक्रिया में अनावश्यक हस्तक्षेप है। इस आदेश के कारण कानूनी चुनौतियां आने की संभावना है, जिससे चुनाव प्रक्रिया और जटिल हो सकती है। इस मामले पर राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।