पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पर दावा कर रहे हैं कि शांति समझौते के लिए समझौते पर हस्ताक्षर के बाद से तेल का प्रवाह बढ़ रहा है और कीमतें गिर रही हैं। ट्रंप का कहना है कि इस समझौते के परिणामस्वरूप तेल की कीमतों में कमी आई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में गिरावट कई कारकों का परिणाम है, जिसमें वैश्विक मांग में कमी और तेल उत्पादक देशों के बीच उत्पादन में वृद्धि शामिल है। यह स्पष्ट नहीं है कि शांति समझौते का कीमतों पर कितना प्रभाव पड़ा है। इस दावे की सच्चाई का पता लगाने के लिए आगे की जांच आवश्यक है। वर्तमान में, यह कहना मुश्किल है कि ट्रंप का दावा पूरी तरह से सही है या नहीं।
