फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन समाप्त हो रहा है, जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को लेकर विश्व नेताओं के साथ चर्चा की। हालांकि, इस समझौते की विस्तृत जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है और न ही अमेरिकी सांसदों को दिखाई गई है। ट्रंप प्रशासन के इस रुख से समझौते की शर्तों और संभावित लागतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिखर सम्मेलन में ईरान के साथ तनाव कम करने के ट्रंप के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित रहा। आलोचकों का कहना है कि पारदर्शिता की कमी समझौते की प्रभावशीलता पर संदेह पैदा करती है। व्हाइट हाउस ने अभी तक समझौते के विवरण जारी करने का कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं दी है। इस रहस्यमयता ने समझौते को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
