अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन तेहरान ने इसे अमेरिका के लिए ‘विफलता’ करार दिया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार ने समझौते के कार्यान्वयन की परीक्षा लेने की बात कही है। समझौते के लागू होने के बाद, ईरान ने घोषणा की है कि वह 60 दिनों के बाद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाएगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस बात पर जोर दिया है कि ईरान को कुछ बैलिस्टिक मिसाइलों को बनाए रखना चाहिए। यह समझौता दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है। ईरान का कहना है कि यह समझौता उसकी अपेक्षाओं को पूरा नहीं करता है और अब इसके कार्यान्वयन को देखना होगा। इस कदम से क्षेत्र में भू-राजनीतिक स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।