जी-7 शिखर सम्मेलन के समापन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक तीखा बयान दिया। उन्होंने इजराइल को 'बहुत छोटा सहयोगी' बताते हुए उसकी आलोचना की। ट्रंप ने ईरान और उसके साथ हुए समझौते की सराहना की, जो कि इजराइल के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी फटकार लगाई। ट्रंप के इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आश्चर्य और प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जा रही हैं। यह बयान इजराइल और अमेरिका के संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है। ट्रंप के इस रुख के पीछे की वजहें अभी स्पष्ट नहीं हो पाई हैं, लेकिन यह मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे सकता है।