पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयातित ड्रोन पर १००% तक शुल्क लगाने की घोषणा की है। व्हाइट हाउस का तर्क है कि यह कदम अमेरिकी ड्रोन उद्योग को सुरक्षित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने के लिए आवश्यक है। इन शुल्कों का उद्देश्य चीन से आने वाले ड्रोन के आयात को कम करना है, जिन्हें सुरक्षा जोखिम के रूप में देखा जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से वैश्विक ड्रोन बाजार में व्यवधान उत्पन्न होगा और ड्रोन की कीमतें बढ़ सकती हैं। यह शुल्क अमेरिकी उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों को प्रभावित कर सकता है जो ड्रोन पर निर्भर हैं। इस कदम से चीन के साथ व्यापार तनाव बढ़ने की भी आशंका है। यह शुल्क तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।