अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ड्रोन और उनके घटकों के आयात पर 100% तक शुल्क लगाने की घोषणा की है। यह कदम अमेरिका को आयात पर अपनी निर्भरता कम करने और चीनी प्रभुत्व वाली ड्रोन उद्योग में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। व्हाइट हाउस के एक बयान के अनुसार, ट्रंप ने इस फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों में लिया है। इन शुल्कों से ड्रोन की कीमतें बढ़ने और अमेरिकी बाजार में चीनी ड्रोन की उपलब्धता कम होने की संभावना है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ड्रोन तकनीक का दुरुपयोग संभावित रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है। यह कदम अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार तनाव को और बढ़ा सकता है। इस फैसले से ड्रोन निर्माताओं और उपभोक्ताओं दोनों पर असर पड़ेगा।