पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी ‘व्यापार दीवार’ को कायम रखने के उद्देश्य से 60 देशों पर 10% से 12.5% तक के नए शुल्क लगाए हैं। ये नए शुल्क सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद लागू किए गए सार्वभौमिक कर के स्थान पर आएंगे, जिसकी समय सीमा आज, शुक्रवार को समाप्त हो रही थी। ट्रम्प प्रशासन का यह कदम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है। इन शुल्कों का उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों और नौकरियों की रक्षा करना बताया जा रहा है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ सकती हैं। यह कदम अमेरिका के ‘अमेरिका फर्स्ट’ व्यापार दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह देखना बाकी है कि इन शुल्कों का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अन्य देश भी जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।