अंतर्राष्ट्रीय नीति सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक विशेष दूत ने ईरान को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, ईरान द्वारा हमास और हिजबुल्लाह को समर्थन जारी रखने पर भी ट्रंप प्रशासन ने आपत्ति जताई है। JNS के सीईओ ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ अभियान एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच रहा है। यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर गंभीर है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने की नीति अपनाई है और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने की कोशिश कर रहा है। यदि वार्ता विफल होती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
