जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़े बयान दिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें अंतिम समझौते से संतुष्टि नहीं हुई तो वे फिर से बमबारी कर सकते हैं। ट्रंप के इस रुख से सहयोगी देशों में चिंता है, जो कूटनीति के माध्यम से मामले को सुलझाने और तनाव बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। शिखर सम्मेलन में ट्रंप का व्यवहार आक्रामक रहा, जिससे अन्य नेताओं को असहजता महसूस हुई। संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया, लेकिन इसमें ईरान मुद्दे पर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई। ट्रंप का यह बयान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे तनाव के बीच आया है। इस घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक प्रयासों पर असर पड़ सकता है।