जी7 शिखर वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार, 17 जून को लगभग एक घंटे की देरी से पहुंचे। बैठक कक्ष में प्रवेश करते ही उन्होंने मज़ाक में कहा कि वह “बॉस” हैं। यह घटनाक्रम शिखर वार्ता के दौरान तनावपूर्ण माहौल की ओर इशारा करता है। ट्रंप की देरी और टिप्पणी ने अन्य नेताओं के बीच आश्चर्य और असहजता पैदा कर दी। व्हाइट हाउस ने इस देरी के लिए ट्रैफिक को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन इस स्पष्टीकरण पर संदेह जताया जा रहा है। यह घटना ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय मंच पर अक्सर टकरावपूर्ण शैली को दर्शाती है। इस घटना ने जी7 की एकता और सहयोग पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
