इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की कमजोर स्थिति के बारे में बताया था। नेतन्याहू का मानना था कि ईरान दशकों में सबसे कमजोर दौर से गुजर रहा है। हालांकि, सीआईए ने ट्रंप को इस बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन ट्रंप ने इसे अनदेखा कर दिया। इसके बाद नेतन्याहू के सुझाव पर ट्रंप ने युद्ध में शामिल होने का फैसला किया। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। नेतन्याहू का मानना था कि ईरान को कमजोर करने का यह सही समय है। ट्रंप के इस कदम से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।

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