पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों और युद्ध के बाद की स्थिति को लेकर दिए गए दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध के बाद मजबूत नहीं हुआ है और उसे कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। उनका कहना है कि ईरान की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है और उसे किसी भी तरह की आर्थिक मदद मिलने का कोई सवाल ही नहीं उठता। ट्रम्प ने पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन द्वारा ईरान को दी गई वित्तीय सहायता की भी आलोचना की थी। उनका मानना है कि इस सहायता से ईरान को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली। वर्तमान में, ईरान और अमेरिका के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं, और दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना कम दिख रही है। ट्रम्प के इस रुख से ईरान के साथ संबंधों में सुधार की उम्मीद और भी कम हो सकती है।
