राष्ट्रपति ट्रंप पर ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर आलोचना हो रही है, जिसके जवाब में उन्होंने खुद को ‘बॉस’ बताते हुए सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। आलोचकों का तर्क है कि प्रस्तावित समझौता ईरान को महत्वपूर्ण रियायतें, जैसे प्रतिबंधों में ढील और संपत्ति जारी करने की पेशकश करता है, जिसके बदले में ईरान से परमाणु गतिविधियों पर अस्पष्ट आश्वासन प्राप्त हो रहे हैं। इस संभावित समझौते ने घरेलू स्तर पर बहस छेड़ दी है और कांग्रेस में द्विदलीय विरोध उत्पन्न हो गया है। ट्रंप प्रशासन पर ईरान के साथ समझौता करने का दबाव है ताकि तनाव कम किया जा सके। हालांकि, कई सांसदों का मानना है कि यह समझौता ईरान को बहुत अधिक लाभ पहुंचाएगा और अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करेगा। इस मुद्दे पर कांग्रेस में और अधिक चर्चा होने की संभावना है। ट्रंप ने इस मामले में अपनी अंतिम निर्णय लेने की क्षमता पर जोर दिया है।
