राष्ट्रपति ट्रंप ने बैलिस्टिक मिसाइलों पर अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते का समर्थन किया है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के पास मिसाइलें हैं, तो केवल तेहरान का निशस्त्रीकरण करना अनुचित होगा। ट्रंप ने मिसाइल खतरों और परमाणु खतरों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि मिसाइलें परमाणु बमों की तरह पूरी दुनिया को तबाह नहीं करतीं। इस बयान को ईरान के प्रति उनके पिछले कड़े रुख में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। समझौते के लागू होने के बावजूद, अमेरिकी सेना खाड़ी क्षेत्र में तैनात रहेगी। भविष्य में इस मुद्दे पर आगे की बातचीत की योजना भी बनाई गई है। यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।