अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 जून को ईरान के साथ हुए शांति समझौते की रक्षा की। उन्होंने समझौते की आलोचना करने वालों को ‘मूर्ख और ईर्ष्यालु’ बताया। ट्रंप ने इस समझौते को अपनी विदेश नीति की एक बड़ी सफलता बताया है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ राजनीतिक विश्लेषकों और विरोधियों ने समझौते की शर्तों पर सवाल उठाए हैं। ट्रंप का मानना है कि यह समझौता अमेरिका और ईरान दोनों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने आलोचकों पर राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होने का आरोप लगाया। इस बयान से अमेरिका में ईरान नीति पर चल रही बहस और तेज हो सकती है।