ईरान के साथ खर्चीले और रक्तरंजित युद्ध के बाद हुए समझौते को लेकर पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना हो रही है। उदारवादी और रूढ़िवादी दोनों ही आलोचक इस समझौते के स्वरूप को देखते हुए इस युद्ध की उपयोगिता पर सवाल उठा रहे हैं। ट्रंप ने हालांकि, रॉयटर्स और फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, इस समझौते का बचाव किया है। वह ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए किए गए अपने समझौते की तुलना पूर्ववर्ती परमाणु समझौते से की जा रही टिप्पणियों से नाराज़ हैं। ट्रंप का कहना है कि युद्ध सार्थक था, लेकिन आलोचकों का मानना है कि समझौते की शर्तें अमेरिका के लिए अनुकूल नहीं हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस जारी है और समझौते के दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। ट्रंप ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आलोचनाओं का खंडन किया है।