डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि जो लोग "कृत्रिम बुद्धिमत्ता" के बजाय "सुपरइंटेलिजेंस" शब्द का उपयोग नहीं करते हैं, उन्हें वह "शत्रु" मानेंगे। ट्रम्प इस शब्द पर जोर देते हैं और उनका मानना है कि "सुपरइंटेलिजेंस" अधिक सटीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग इस नए शब्द को अपनाने में विफल रहते हैं, वे उनके विरोध में खड़े होंगे। यह बयान प्रौद्योगिकी और भाषा के उपयोग को लेकर ट्रम्प के मजबूत विचारों को दर्शाता है। इस घोषणा से प्रौद्योगिकी उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच बहस छिड़ सकती है। यह देखना बाकी है कि यह नीतिगत बदलाव किस प्रकार लागू किया जाएगा और इसका क्या प्रभाव होगा। ट्रम्प का यह रुख, संयुक्त राज्य अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित चर्चा को एक नया मोड़ दे सकता है।