जर्मनी में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। हालांकि, रूस से अमेरिका को तेल की आपूर्ति से बाजार को सीमित राहत ही मिली है। यह स्पष्ट नहीं है कि रूस कितना ईंधन उपलब्ध करा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की डीजल निर्यात करने की क्षमता पर संदेह है, खासकर ट्रम्प के साथ हुए समझौते के बाद। इस समझौते की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि रूस पर्याप्त मात्रा में डीजल निर्यात करने में सक्षम होगा या नहीं। बाजार की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, और ईंधन की कीमतों पर भविष्य में क्या असर होगा, यह कहना मुश्किल है। उपभोक्ताओं को कीमतों में और कमी की उम्मीद अभी भी कम है।