अमेरिकी राष्ट्रपति ने हॉर्मुज़ जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके बाद तेल की कीमतों में और गिरावट आई है। इस समझौते के तहत, वाशिंगटन ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों को हटाने और 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष को जारी करने में सहायता करने के लिए सहमत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक तेल आपूर्ति में वृद्धि होगी और कीमतों पर दबाव कम होगा। यह समझौता मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, समझौते की शर्तों और दीर्घकालिक प्रभावों पर अभी भी विश्लेषण जारी है। इस पहल से ईरान की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होने की उम्मीद है, जो प्रतिबंधों के कारण काफी प्रभावित हुई थी। यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता लाने में मदद कर सकता है।
