अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के तहत, ईरान को ३०० अरब डॉलर की एक पुनर्निर्माण निधि से लाभ होने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर २०१५ के परमाणु समझौते के तहत ईरान को १.७ अरब डॉलर नकद देने की कड़ी आलोचना की थी, जिससे उन्होंने खुद किनारा कर लिया था। हालांकि, वर्तमान समझौता ईरान को इससे कहीं अधिक वित्तीय लाभ प्रदान कर सकता है। यूएसए टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, यह निधि ईरान के पुनर्निर्माण के लिए समर्पित है। इस निधि के वित्तपोषण के स्रोत पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। यह समझौता ईरान के साथ युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन वित्तपोषण का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है। इस निधि के लिए धन कहां से आएगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
