पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभियोजक जीनिन पिरो की आलोचना की है, जिन्होंने लिंकन स्मारक के पूल को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पूर्व एथलीट डेविड हर्न के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस ले लिया। ट्रंप ने पिरो के फैसले पर आश्चर्य व्यक्त किया और सवाल उठाया कि वह ऐसा क्यों कर रही थीं। उनका कहना है कि स्मारक को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया था और यह बर्बरता का कार्य था। पिरो ने हालांकि, सबूतों की कमी के कारण मामले को बंद करने का फैसला किया। ट्रंप ने इस फैसले को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की है और मामले की गहन जांच की मांग की है। इस घटना ने अमेरिकी जनता के बीच बहस छेड़ दी है, जहाँ कुछ लोग पिरो के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, वहीं अन्य ट्रंप के विचारों से सहमत हैं। मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।