अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दिए एक बयान में कहा है कि वे इराक में कुर्द लड़ाकों को हथियार देने के फैसले से सहमत नहीं थे। उनका कहना है कि यह कदम ईरान की सरकार को हटाने के शुरुआती प्रयासों के तहत उठाया गया था। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि कुर्द बलों ने उनका विश्वास नहीं जीता और उन्होंने भविष्य में इस बात को याद रखने की चेतावनी दी। उन्होंने इस फैसले पर अपनी असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि यह रणनीति सफल नहीं रही। ट्रंप का यह बयान कुर्द बलों के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े करता है। यह टिप्पणी मध्य पूर्व में अमेरिका की विदेश नीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। इस बयान से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंकाएं भी व्यक्त की जा रही हैं।