पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पनामा नहर को अमेरिका द्वारा सौंपे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है, और इसे एक ‘मूर्खतापूर्ण’ कदम बताया। उन्होंने बढ़ती हुई फीस और चीन के प्रभाव की आशंका जताई है। ट्रंप ने बीजिंग के नियंत्रण को रोकने की कसम खाई है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जन्मसिद्ध नागरिकता पर अपनी पहले की राय दोहराई, उनका मानना है कि सुप्रीम कोर्ट ने इसमें गलती की है। साथ ही, उन्होंने एक ऐसे फैसले का जश्न मनाया जिसने कार्यकारी अधिकारियों को राष्ट्रपति द्वारा हटाने की शक्तियों को मजबूत किया है। यह बयान पनामा नहर की सुरक्षा और अमेरिकी विदेश नीति से संबंधित बहस को जन्म देगा।