फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान परमाणु समझौते पर अपनी स्थिति दोहराई, जिसमें ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने और अमेरिका द्वारा कोई वित्तीय निवेश न करने की बात कही गई। ट्रम्प ने लेबनान में इजराइल की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया और हिज़्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई पर भी अपनी राय रखी। टाइम्स ऑफ़ इज़राइल के अनुसार, ट्रम्प का मानना है कि लेबनान में इजराइल की जारी सैन्य कार्रवाई ईरान द्वारा समझौते का उल्लंघन है। ईरान ने भी इजराइल के हमलों को समझौते का उल्लंघन बताया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। ट्रम्प प्रशासन का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना और क्षेत्र में उसकी अस्थिर करने वाली गतिविधियों को कम करना है। इस मुद्दे पर आगे की बातचीत की संभावना बनी हुई है।