जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे युद्ध पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध बहुत लंबा और घातक हो गया है और सीरिया को इस समूह के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप न किया होता तो इजराइल का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाता। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने पर 'अंतिम परिणाम' भुगतने की चेतावनी दी। शिखर सम्मेलन में, स्विट्जरलैंड के एक पर्वतीय रिसॉर्ट में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। ट्रम्प के बयानों ने मध्य पूर्व में तनाव और अनिश्चितता की स्थिति को और बढ़ा दिया है।
