पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल द्वारा बेरूत पर किए गए हमले पर खेद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह हमला नहीं होना चाहिए था, लेकिन शांति समझौते की उम्मीद अभी भी बनी हुई है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को समाप्त करने औरOrmuz Strait को फिर से खोलने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। ट्रंप का मानना है कि यह हमला शांति प्रक्रिया को पटरी से उतार सकता है। इस हमले से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका है। फिलहाल, दोनों पक्षों ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसकी कड़ी निंदा की है। समझौते पर हस्ताक्षर होने की स्थिति में, यह क्षेत्र में स्थिरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।