अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर यूरोपीय देशों के रुख पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने नाटो सहयोगियों के रवैये से अपनी निराशा व्यक्त की है। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट ने नाटो के योगदान का बचाव करते हुए ट्रंप के आरोपों का जवाब दिया है। ट्रंप का मानना है कि यूरोपीय देश ईरान के साथ संघर्ष में पर्याप्त योगदान नहीं दे रहे हैं। रूट ने कहा कि नाटो सहयोगी सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और ट्रंप के बयान उचित नहीं हैं। इस बयान से नाटो देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नए विवाद को जन्म दे सकता है।