पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डच प्रधानमंत्री मार्क रुटे से ईरान के मुद्दे पर नाटो देशों के सहयोग को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की है। ट्रंप का कहना है कि उन्हें नाटो सहयोगियों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। जवाब में, मार्क रुटे ने ट्रांसअटलांटिक गठबंधन के कार्यों का बचाव किया। उन्होंने बताया कि यूक्रेन युद्ध के दौरान यूरोपीय ठिकानों से 5,000 से अधिक अमेरिकी विमानों ने उड़ान भरी थी। यह घटनाक्रम नाटो के भीतर सहयोग और जिम्मेदारी के बंटवारे को लेकर चल रही बहस को दर्शाता है। रुटे ने ट्रंप के दावों का सीधा खंडन नहीं किया, लेकिन नाटो के योगदान पर जोर दिया। यह बातचीत दोनों नेताओं के बीच तनावपूर्ण संबंधों का संकेत देती है।
