अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की अपनी शक्तियों को सीमित करने के लिए सीनेट द्वारा पारित एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रंप का तर्क है कि यह प्रस्ताव ईरान के साथ शत्रुता समाप्त करने की उनकी रणनीति में बाधा डालता है। सीनेट के इस फैसले से ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ट्रंप का मानना है कि उन्हें ईरान के साथ किसी भी संभावित संघर्ष को रोकने या बढ़ाने के लिए लचीलापन बनाए रखने की आवश्यकता है। इस प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि यह अमेरिकी संविधान के तहत कांग्रेस की युद्ध की घोषणा करने की शक्ति की रक्षा करता है। यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और जटिल बना सकता है। व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव को 'खतरनाक' और 'गैर-जिम्मेदाराना' बताया है।