अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनके ही पार्टी के सीनेटरों के बीच ईरान युद्ध को लेकर तीखी बहस हुई। सीनेट ने इस सप्ताह ईरान युद्ध पर एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राष्ट्रपति को युद्ध छेड़ने से पहले कांग्रेस की मंजूरी लेने की आवश्यकता बताई गई। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को अपनी पार्टी के सदस्यों की हार माना और उन पर डेमोक्रेट्स की बातों में आने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इस तरह की आलोचना ईरान के साथ संवेदनशील वार्ता को कमजोर करती है। सीनेटर कैसिडी ने ट्रंप पर कांग्रेस और जनता से पर्याप्त जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। यह प्रस्ताव प्रतीकात्मक जरूर है, लेकिन ट्रंप के लिए एक राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनकी ईरान नीति पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना से रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं।