अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के साथ अपने देश के संबंधों पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि यदि वह राष्ट्रपति नहीं होते, तो इजराइल का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता और वह नष्ट हो चुका होता। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि उनके प्रशासन ने इजराइल को मजबूत समर्थन दिया है। इस बयान से अमेरिका और इजराइल के बीच घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित करने का प्रयास किया गया है। हालांकि, ट्रंप के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ रहा है और इजराइल की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। ट्रंप का यह बयान राजनीतिक विश्लेषकों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में चर्चा का विषय बना हुआ है।
