अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि ईरान के साथ हुए समझौते के बाद अमेरिका पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली और सम्मानित हो गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से तेल का प्रवाह फिर से शुरू हो गया है और ईरान अब कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। बुधवार को ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त रूप से अमेरिका और ईरान के बीच एक समझोते पर डिजिटल हस्ताक्षर किए, जिससे शांति समझौते का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस समझौते में फारस की खाड़ी के देशों से तेल और गैस के निर्यात के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से और मुफ्त में खोलने का भी प्रावधान है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए सकारात्मक कदम है। इस समझौते के परिणामस्वरूप अमेरिका की अंतर्राष्ट्रीय छवि में सुधार हुआ है।