पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने Axios को दिए एक साक्षात्कार में ईरान के साथ युद्ध के अनुभव पर अपनी राय व्यक्त की। ट्रम्प का कहना है कि इस संघर्ष ने उन्हें यह महसूस कराया कि अमेरिका की शक्ति की कोई सीमा नहीं है। उन्होंने ईरान के साथ हुए समझौते को ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ जैसा बताया और इसे केवल एक सीमित समझौता करार दिया। ट्रम्प के अनुसार, मध्य पूर्व में इस संघर्ष ने अमेरिका की वास्तविक ताकत को उजागर किया। उनका मानना है कि अमेरिका की सैन्य और राजनीतिक क्षमताएं अद्वितीय हैं। ट्रम्प ने समझौते की सीमाओं पर भी प्रकाश डाला, यह सुझाव देते हुए कि यह ईरान पर पर्याप्त नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहा। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं, क्योंकि यह ट्रम्प प्रशासन की विदेश नीति के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है।
