अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यिप एर्दोगान को ईरान का समर्थन करने के लिए युद्ध में शामिल होने से रोका। ट्रंप के अनुसार, एर्दोगान इजराइल को पसंद नहीं करते थे और इसी वजह से वे संघर्ष में हस्तक्षेप करने की सोच रहे थे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी मध्यस्थता ने एक संभावित खतरनाक स्थिति को टाला। ट्रंप ने इस मामले में अपनी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। तुर्की और ईरान के बीच संबंध जटिल हैं, और दोनों देश क्षेत्रीय मामलों में अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका थी, जिसे ट्रंप ने अपने हस्तक्षेप से कम करने का दावा किया है। फिलहाल, एर्दोगान की प्रतिक्रिया अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।