पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आरोप लगाया है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का डेटा चुराया था। ट्रम्प के अनुसार, इस डेटा चोरी को ‘डीप स्टेट’ द्वारा छुपाया गया। उन्होंने इस मामले में गहरी साजिश का दावा किया है, लेकिन अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों में कहा गया है कि यह डेटा चोरी अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई थी। अमेरिकी अधिकारी अभी तक इस दावे पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। ट्रम्प का यह बयान अमेरिकी राजनीति में एक नया विवाद पैदा कर सकता है। इस आरोप की जांच के लिए स्वतंत्र जांच की मांग की जा रही है।