अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो को अमेरिका द्वारा दिए जा रहे एकतरफ़ा समर्थन को ‘हास्यास्पद’ बताया है। उनका कहना है कि यह समर्थन उचित नहीं है और अमेरिका को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। यह बयान नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आया है, जो आने वाले सप्ताह में तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित होगा। ट्रम्प का यह रुख नाटो के भीतर तनाव पैदा कर सकता है, क्योंकि कई सदस्य देशों ने अमेरिका के समर्थन पर निर्भरता व्यक्त की है। इस बयान से नाटो की भविष्य की रणनीति और अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठ सकते हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंकारा में होने वाले शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे पर क्या चर्चा होती है और क्या समाधान निकलता है। ट्रम्प के इस बयान ने अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में एक नई बहस छेड़ दी है।

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