फीफा ने अमेरिकी खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन पर लगाए गए निलंबन को रद्द कर दिया है, जिससे फुटबॉल जगत में खलबली मच गई है। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को किए गए एक फ़ोन कॉल के बाद यह फैसला लिया गया। इस फैसले पर यूएफ़ा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे "असमझनीय और अन्यायपूर्ण" बताया है। यूएफ़ा का कहना है कि निलंबन रद्द करना उचित नहीं था। यह घटना फीफा और यूएफ़ा के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। बालोगुन का निलंबन पहले एक विवाद का विषय था, और अब इसके रद्द होने से विवाद और बढ़ गया है। इस मामले ने खेल में राजनीतिक हस्तक्षेप की संभावना पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।