ईरान के साथ एक अस्थायी समझौता हुआ है जिसके तहत अप्रैल में घोषित नाजुक संघर्ष विराम को 60 दिनों के लिए और बढ़ाया जाएगा। इस समझौते के तहत, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह समझौता तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा। हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि क्या ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में अपने लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। यह समझौता ईरान पर लगे प्रतिबंधों को लेकर चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान कर सकता है, लेकिन यह अभी भी अनिश्चित है कि यह लंबे समय तक टिकेगा या नहीं। इस समझौते का क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह भी देखना होगा।
