पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और पेजेस्कियन द्वारा हस्ताक्षरित समझौते के तहत ईरान के जलमार्गों पर से प्रतिबंध हटने और उनका संचालन फिर से शुरू होने की संभावना है। यह समझौता ईरान के बंदरगाहों पर लगे अवरोध को हटाने का प्रावधान करता है। हालांकि, इजराइल को इस वार्ता प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने का खतरा बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि इजराइल की अनुपस्थिति समझौते की दीर्घकालिक स्थिरता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। इस स्थिति के कारण संघर्ष की आशंका बरकरार है। समझौते के बावजूद, इजराइल की प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई चिंता का विषय बनी हुई है। यह समझौता ईरान और अन्य देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव को लेकर अनिश्चितता है।
