अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘सुरक्षित अमेरिका अधिनियम’ पर हस्ताक्षर करते हुए आप्रवासन नियंत्रण एजेंसियों, विशेष रूप से ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट) को 70 अरब डॉलर का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। इस धनराशि से ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल के अंत तक कठोर निर्वासित नीतियों को जारी रखने की उम्मीद है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम मानवाधिकारों के लिए चिंताजनक है। यह आवंटन ICE को अपनी गतिविधियों को बढ़ाने और अधिक संख्या में आप्रवासियों को निर्वासित करने की अनुमति देगा। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि यह सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इस बजट से आप्रवासन नीतियों पर चल रही बहस और तेज होने की संभावना है। यह कदम अमेरिका में आप्रवासियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता भी पैदा करता है।