एक नई पुस्तक में दावा किया गया है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि यदि वे 2020 का चुनाव नहीं हारे होते, तो उनका दूसरा कार्यकाल अब की तुलना में कम शक्तिशाली होता। पुस्तक के अनुसार, ट्रंप का मानना है कि चुनाव हारने के बाद उनकी शक्ति में वृद्धि हुई है। यह दावा उनके कार्यकारी अधिकारों की सीमाओं को परखने के प्रयासों से जुड़ा है। पुस्तक में ट्रंप के इस विचार को विस्तार से बताया गया है कि वे चुनाव परिणाम को चुनौती देकर और अपने समर्थकों को जुटाकर अधिक प्रभावशाली बन गए हैं। यह जानकारी ट्रंप के राजनीतिक दृष्टिकोण और शक्ति के प्रति उनकी धारणा पर प्रकाश डालती है। पुस्तक में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि ट्रंप ने राष्ट्रपति पद के दौरान अपनी शक्तियों का उपयोग कैसे किया और वे भविष्य में इसे कैसे देख सकते हैं। यह प्रकाशन ट्रंप के कार्यकाल और उसके बाद की राजनीतिक गतिविधियों के विश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण है।
