अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वे तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वे इस शिखर सम्मेलन में केवल तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यिप एर्दोगान के सम्मान में ही शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिखर सम्मेलन किसी अन्य नेता द्वारा आयोजित किया गया होता, तो वे शायद निमंत्रण स्वीकार नहीं करते। ट्रंप ने एर्दोगान को एक "महान नेता" बताया और कहा कि उन्होंने उनकी सभी मांगों को पूरा किया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तुर्की की नीतियों को लेकर नाटो सहयोगियों के बीच तनाव है। ट्रंप का यह रुख एर्दोगान के साथ उनके मजबूत व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाता है। इस निर्णय से नाटो के भीतर संभावित राजनयिक परिणामों पर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।